बाल संस्कार(Baal Sanskar)
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मनुष्य के भावी जीवन का आधार उसके बाल्यकाल के संस्कार एवं चारित्र्यनिर्माण पर निर्भर करता है। बालक आगे चलकर नेता जी सुभाषचन्द्र बोस जैसे वीरों, एकनाथजी जैसे संत-महापुरूषों एवं श्रवण कुमार जैसे मातृ-पितृभक्तों के जीवन का अनुसरण करके सर्वांगीण उन्नति कर सकें इस हेतु बालकों में उत्तम संस्कार का सिंचन बहुत आवश्यक है। बचपन में देखे हुए हरिश्चन्द्र नाटक की महात्मा गाँधी के चित्त पर बहुत अच्छी असर पड़ी, यह दुनिया जानती है।
हँसते-खेलते बालकों में शुभ संस्कारों का सिंचन किया जा सकता है। नन्हा बालक कोमल पौधे की तरह होता है, उसे जिस ओर मोड़ना चाहें, मोड़ सकते हैं। बच्चों में अगर बचपन से ही शुभ संस्कारों का सिंचन किया जाए तो आगे चलकर वे बालक विशाल वटवृक्ष के समान विकसित होकर भारतीय संस्कृति के गौरव की रक्षा करने में समर्थ हो सकते हैं।
विद्यार्थी भारत का भविष्य, विश्व का गौरव एवं अपने माता-पिता की शान है। उसके अंदर सामर्थ्य का असीम भंडार छुपा हुआ है। उसे प्रगट करने हेतु आवश्यक है सुसंस्कारों का सिंचन, उत्तम चारित्र्य-निर्माण और भारतीय संस्कृति के गौरव का परिचय। पूज्यपाद संत श्री आसारामजी महाराज द्वारा समय-समय पर इन्हीं विषयों पर प्रकाश डाला गया है। उन्हीं के आधार पर सरल, सुबौध शैली में बालापयोगी सामग्री का संकलन करके बाल संस्कार नाम दिया गया है। यह पुस्तक प्रत्येक माता-पिता एवं बालकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, ऐसी आशा है।
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अनुक्रम
संत श्री आसारामजी बापू का जीवन परिचय ।
बाल संस्कार केन्द्र माने क्या? जानते हो?
प्रार्थना । सरस्वती-वंदना । सदुगुरू महिमा ।
दिनचर्या । प्रातः पानी प्रयोग । स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय । प्राणायाम ।
ध्यान-त्राटक-जप-मौन-संध्या तथा मंत्र-महिमा । ध्यान महिमा । त्राटक । जप-महिमा ।
मौनः शक्तिसंचय का महान स्रोत । त्रिकाल संध्या । मंत्र-महिमा । सूर्यनमस्कार । यौगिक चक्र ।
कुछ उपयोगी मुद्राएँ । योगासन । प्राणवान पंक्तियाँ । एक-दो की संख्या द्वारा ज्ञान ।
आदर्श बालक की पहचान । याद रखें । शास्त्र के अनुसार श्लोकों का पाठ । साखियाँ ।
भारतीय संस्कृति की परम्पराओं का महत्त्व । तिलकः बुद्धिबल व सत्त्वबलवर्द्धक । दीपक ।
कलश । स्वस्तिक । शंख । तिरंगा-झंडा । परीक्षा में सफलता कैसे पायें? ।
विद्यार्थी छुट्टियाँ कैसे मनायें? जन्मदिन कैसे मनायें?
शिष्टाचार व जीवनोपयोगी नियम । शिष्टाचार के नियम । सदगुणों के फायदे ।
जीवन में उपयोगी नियम । बाल-कहानियाँ । गुरू-आज्ञापालन का चमत्कार । एकाग्रता का प्रभाव ।
असंभव कुछ भी नहीं । बालक श्रीराम । बालक ध्रुव । गुरू गोविंद सिंह के वीर सपूत ।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः । दाँतो और हड्डियों के दुश्मनः बाजारू शीतल पेय । चाय-फी में दस प्रकार के जहर
आधुनिक खान-पान से छोटे हो रहे हैं बच्चों के जबड़े ।
सौन्दर्य- साधनों में छिपी हैं अनेक प्राणियों की मूक चीखें और हत्या ।
बाजारू आइसक्रीम-कितनी खतरनाक, कितनी अखाद्य? मांसाहारः गंभीर बीमारियों को आमंत्रण ।
आप चाकलेट खा रहे हैं या निर्दोष बछड़ों का मांस?
अधिकांश टूथपेस्टों में पाया जाने वाला फ्लोराइड कैंसर को आमंत्रण देता है…….
दाँतों की सुरक्षा पर ध्यान दें । अण्डा जहर है । मौत का दूसरा नाम गुटखा पान मसाला ।
टी.वी.-फिल्मों का प्रभाव । बच्चों के सोने के आठ ढंग ।
ब्रह्मनिष्ठ संत श्री आसाराम जी बापू का संदेश । मेरी वासना उपासना में बदली ।
यौवन सुरक्षा पुस्तक नहीं, अपितु एक शिक्षा ग्रंथ है । माँ-बाप को भूलना नहीं । बाल-गीत ।
हम भारत देश के वासी हैं…… । शौर्य-गीत । कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा….।
बच्चों की पुकार
आरती
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