सत्संग – दान महादान !
” दादा गुरूजी की गठरी ”
पूज्य दादा गुरूजी का संकल्प था कि साहित्य घर-घर पहुँचे ।
अतः उनका यह संकल्प हम सब साधक मिलकर पूरा करेंगे ।
विशेष : गठरी के साथ पूज्य बापूजी से स्पर्श किया हुआ श्री चित्र, तुलसी माला और अलग से नेत्रबिंदु व गृहदोष निवारक यंत्र (फिटकरी) निःशुल्क पायें ।
आप पढो, औरों को पढाओ
* बच्चों को धन न दे सके तो कोई बात नहीं, परन्तु अच्छे संस्कार जरुर दें | -पूज्य बापूजी
” दादा गुरूजी की गठरी ” में पायेंगे आप विभिन्न प्रकार के सेट
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विधार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु
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युवाओं को तेजस्वी-ओजस्वी बनानेवाला सत्साहित्य
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व्रत-पर्व-त्यौहार का रहस्य बतानेवाला सत्साहित्य
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गीता व उपनिषदों का गूढ़ रहस्य समझानेवाला सत्साहित्य
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आत्मचिंतन हेतु सत्साहित्य
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जिज्ञासुओं को ज्ञान ऊँचाइयों की यात्रा करानेवाला सत्साहित्य
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नित्य पाठ हेतु सत्साहित्य
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भजन-आरती, स्त्रोत -पाठ हेतु सत्साहित्य
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मंत्रजप की अथाह शक्ति जानने हेतु सत्साहित्य
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स्वास्थ का खजाना सत्साहित्य
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घर-परिवार एवं महिलाओं हेतु सत्साहित्य
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सद्गति व श्रद्धांजलि हेतु सत्साहित्य
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महापुरुषों का जीवन-दर्शन व उपदेश
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गुरुभक्ति बढ़ाने हेतु
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निराशा दूर कर उमंग व दिव्यता जगाने

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