संत श्री आशारामजी गौशाला, श्योपुर द्वारा निर्मित
पीयूष घी (Piyush Ghee)
Net Weight: 100gm
Price: ₹1000
- बच्चे को जन्म देने के बाद पहले २-३ दिन गाय जो पीला, मादा दूध (तीस) देती है उसे आयुर्वेद में ‘पीयूष’ अर्थात् अमृत कहा है। श्योपुर गौशाला की गीर गायों के पीयूष से यह दिव्य पीयूष घी बनाया गया है।
- स्वर्णक्षार तथा अन्य अत्यंत गुणकारी पोषक तत्त्व होने से यह घी शक्ति का अनुपम स्रोत है। इसके सेवन से व्यक्ति हृष्ट-पुष्ट, वीर्यवान, ओजस्वी, तेजस्वी, बुद्धिमान व दीर्घायु होता है।
- हृदयरोग, सभी प्रकार के कैंसर, मानसिक रोग, मस्तिष्क (Brain) व तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के जटिल रोगों एवं अत्यधिक दुर्बलता व रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी में यह घी अमृततुल्य कार्य करता है।
सेवन विधि: १ किलो घी में १०० ग्राम पीयूष का घी’ मिलायें। यह मिश्रित १० ग्राम घी दिन में १-२ बार भोजन में मिला के लें । ३-४ बूँद पीयूष का घी’ दूध में मिला के भी सकते हैं।

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