संशमनी वटी (Sanshamani Vati)
लाभः रोगप्रतिरोधक शक्ति (Immunity Power) बढ़ाने में लाभदायी ।
- यह जीवाणु (Bacteria), विषाणु (Virus) आदि के कारण होनेवाले संक्रामक रोगों से सुरक्षा में सहायक है ।
- यह वटी श्वसन तंत्र (Respiratory System) को मजबूत बनाकर सर्दी-जुकाम (Rhinorrhea), खाँसी (Cough), बुखार (Fever) आदि संक्रमण जन्य (Infectious Disease) रोगों से सुरक्षा प्रदान करती है ।
- मस्तिष्क के लिए बलप्रद होने के कारण स्मरणशक्ति एवं स्फूर्ति बढ़ती है । मस्तिष्क में भारीपन, नींद की कमी आदि रोगों में लाभदायी ।
- यह खून की कमी (Anaemia), पीलिया (Jaundice), कमजोरी (Weakness), शरीर में दर्द (Bodyache), क्षय (TB) आदि रोगों में भी सहायक है ।
- यह वटी नाजुक प्रकृति वाले, सगर्भा, प्रसूता, वृद्ध, युवा और बालक सभी के लिए अति लाभप्रद है ।
सेवन विधिः
- 1 साल से 5 साल तक ½ गोली सुबह खाली पेट में शहद या गर्म पानी से ।
- 6 साल से 12 साल तक 1-1 गोली सुबह-शाम खाली पेट में शहद या गर्म पानी से ।
- 12 साल से ऊपर 2-2 गोली सुबह-शाम खाली पेट में शहद या गर्म पानी से लें ।

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