मलहम
सामग्री-
- नीम,
- बोरेक्स (टांकण),
- सल्फर (गंधक),
- तेल आधार q.s
नीम मनुष्य के शरीर में उत्पन्न होने वाले अनेक रोगों में लाभकारी है, लेकिन इसका मुख्य काम कुष्ठ, त्वचा रोग और खून के रोगों को ठीक करना है । त्वचा रोगों को दूर करने के लिए संसार में इसके जैसा कोई दूसरी औषधि नहीं है । आयुर्वेदिक उपचारों में नीम का इस्तेमाल मुँहासों, एलर्जी, त्वचा के संक्रमण, खुजली, एक्ज़िमा और पित्ती होने पर किया जाता है ।
गंधक का उपयोग खुजली और त्वचा के जीवाणु संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है । यह सुपरफिशल त्वचा से बैक्टीरिया के संक्रमण का सफाया करने के लिए अन्य दवाओं के साथ संयोजन में उपलब्ध होता है । सर्वोत्तम परिणामों के लिए इसे निर्धारित मात्रा में और तरीके से शीर्ष त्वचा पर लगाया जाता है ।
सल्फर, अपने मूल रूप में पीला क्रिस्टलीय ठोस होता है । यह अमीनो एसिड मेथियोनीन का एक हिस्सा है, जो मानव के लिए संपूर्ण आहार की आवश्यकता है ।
टंकण भस्म एक आयुर्वेदिक दवा है जो व्यक्ति को कई समस्याओं से दूर करने में मदद करती है । इससे स्वास्थ्य पर बहुत गहरा असर होता है । टंकण भस्म में सूजन को कम करने वाले यानी एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं और इसकी तासीर गर्म होती है । इसके चलते यह बलगम को पिघलाकर निकालने में बहुत फायदेमंद माना जाता है । इसे कई आयुर्वेदिक दवाओं में कंपोनेंट के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है । टंकण भस्म यानी सोडियम टेट्राबोरेट को टूथपेस्ट और साबुन को बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है ।
Daad Khaj Khujli Ka Malham Benefits in Hindi [Daad Khaj Khujli Ka Malham ke Fayde]
- सभी प्रकार के चर्मरोग, खाज-खुजली पर लगाने के लिए उपयोगी है ।
- पैर के छाले, पैर की चमड़ी का कटना इत्यादि में बहुत लाभदायक है ।
- गड़गुमड, पुराने घाव, ताजा घाव, चीरा आदि में लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं ।
- गुग्गुल, गंधक एवं टंकण युक्त होने से न मिटने वाले घाव, जैसे गेंग्रीन में भी उपयोगी है ।
- पैरों की कटी-फटी एड़ियों, दाद, खाज एवं खुज़ली के लिए अत्याधिक लाभप्रद है ।

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