गौमूत्र गिलोय अर्क
सामग्री-
गौमूत्र- 89.2%, गिलोय- 10%, सौंफ- 0.4%, जीरा- 0.4%
☛ गौमूत्र और गिलोय का यह एक चमत्कारिक मिश्रण है । यह रोग प्रतिकारक क्षमता बढ़ाने की अद्भुत औषधि है । रक्तविकार, चर्मरोग, ज्वर, सर्दी-जुकाम, एलर्जी आदि में अति उपयोगी औषधि है ।
Gaumutra Giloy Ark Benefits in Hindi [Gaumutra Giloy Ark ke Fayde]
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क, तिल्ली रोग की बीमारी के बढ़ने पर इस्तेमाल होने वाली औषधि है । इसके निर्माण के लिए 50 ग्राम गौमूत्र गिलोय अर्क में नमक मिलाकर रोजाना प्रयोग से शीघ्र फायदा पहुँचता है । इस बीमारी में प्रभावित जगह पर गौमूत्र गिलोय अर्क का सेक भी उपयोगी साबित हो सकते हैं ।
☛ इसे करने के लिए एक साफ ईंट को थोड़ा गर्म करना होता है और एक साफ कपड़े को गौमूत्र गिलोय अर्क में भिगोकर ईंट में लपेट लें । इसके बाद गर्म ईंट से प्रभावित जगह पर हल्का-हल्का सेंक करें । इससे प्लीहा घटने लगती है ।
✸ यदि आप जॉइंट पेन से परेशान हैं तो भी दर्द वाली जगह पर गौमूत्र गिलोय अर्क की सिकाई करने से आराम मिलता है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क का प्रभाव थ्रोट कैंसर, फूड पाइप के कैंसर और पेट के कैंसर के लिए बहुत ही कारगर साबित हुआ है । करक्यूमिन की कमी से शरीर में कैंसर रोग विकसित होता है । गौमूत्र गिलोय अर्क में करक्यूमिन भरपूर मात्रा में होती है और पीने के बाद बहुत जल्दी पचता है जो बहुत प्रभावी होता है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क एक ब्लड प्यूरीफायर है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क लिवर की सूजन को कम करने के एक कारगर उपाय है ।
✸ मोटापा कम करने के लिए एक गिलास पानी में चार बूंद गौमूत्र गिलोय अर्क के साथ 1 चम्मच नींबू का रस और 2 चम्मच शहद मिला कर रोजाना पीने से लाभ मिलता है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क सफेद दाग या कुष्ठ रोग के लिए भी एक प्रभावी उपचार माना जाता है ।
✸ अत्याधिक खुजली में गौमूत्र गिलोय अर्क को जीरा में मिलाकर इसके लेप को शरीर पर लगाना चाहिए ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क अन्य त्वचा की बीमारियों जैसे एक्जिमा, सोरायसिस आदि में भी फायदेमंद है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क में एंटी- बैक्टीरियल गुण होता है । गले में खराश के इलाज में एक चम्मच गौमूत्र गोखरू अर्क को हल्का गर्म कर के इसमें एक चम्मच शहद, एक चुटकी हल्दी पाउडर को अच्छी तरह मिलाएं ,अब इस मिश्रण से 1-2 मिनट के लिए कुल्ला करें ।
✸ पेट में गैस की शिकायत है, तो रोज़ सुबह खाली पेट गौमूत्र गिलोय अर्क के साथ नींबू का रस और नमक मिलाकर पी सकते हैं , ऐसा करने के एक घंटे बाद ही नाश्ता किया जाना चाहिए |
✸ कब्ज रोगी को गौमूत्र गिलोय अर्क दिन में थोड़ा-थोड़ा 3 से 4 बार लेना चाहिए ।
✸ संसाधित किया हुआ गौमूत्र गिलोय अर्क अधिक प्रभावकारी, प्रतिजैविक, रोगाणु रोधक , ज्वरनाशी, कवकरोधी और प्रतिजीवाणु बन जाता है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क एक जैविक टॉनिक के समान है ,यह शरीर-प्रणाली में औषधि के समान काम करता है ।
✸ गौमूत्र गिलोय अर्क शरीर में ‘सेल डिवीज़न इन्हिबिटरी एक्टिविटी’ को बढ़ाता है और कैंसर के मरीज़ों के लिए बहुत लाभदायक है।
✸ यह आयुर्वेदिक औषधि गुर्दे, श्वसन और हृदय सम्बन्धी रोग, संक्रामक रोग और संधिशोथ, इत्यादि कई व्याधियों से मुक्ति दिलाता है ।

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