Jeevan Saurabh : Hindi [जीवन सौरभ]

21.00

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के सद्गुरुदेव ब्रह्मलीन महापुरुष श्री लीलाशाहजी महाराज की दिव्य लीला वर्णनातीत है, शब्दातीत है । फिर भी… अंतर में केवल श्रद्धा रखकर भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज के जीवन के प्रेरक प्रसंगों एवं जिज्ञासुओं के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलानेवाली सत्संग-कणिकाओं को यथाशक्ति प्रस्तुत करने का एक विनम्र प्रयास ‘जीवन सौरभ’ सत्साहित्य में किया गया है ।

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Jeevan Saurabh : Hindi [जीवन सौरभ]
Jeevan Saurabh : Hindi [जीवन सौरभ]
21.00

जीवन सौरभ
ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों की महिमा अनंत है, उनका पूरा वर्णन नहीं हो सकता । पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के सद्गुरुदेव ब्रह्मलीन महापुरुष श्री लीलाशाहजी महाराज की दिव्य लीला वर्णनातीत है, शब्दातीत है । फिर भी… अंतर में केवल श्रद्धा रखकर भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज के जीवन के प्रेरक प्रसंगों एवं जिज्ञासुओं के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलानेवाली सत्संग-कणिकाओं को यथाशक्ति प्रस्तुत करने का एक विनम्र प्रयास ‘जीवन सौरभ’ सत्साहित्य में किया गया है ।
इस सत्साहित्य में आप पायेंगे :
* महापुरुषों के प्रेरणात्मक जीवन-चरित्र की महिमा
* साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज एक दिव्य विभूति
* जन्म एवं बाल्यकाल
* ध्यान-भजन व योगाभ्यास के पूर्वजन्म के संस्कार
* चमत्कारिक घटना, जिसने श्री लीलारामजी का जीवन बदल दिया
* …और वे परमात्म तत्त्व की खोज में निकल पड़े
* 12 वर्ष की उम्र में ब्रह्मचर्य-व्रत धारण एवं संन्यास
* सद्गुरु श्री केशवानंदजी के सान्निध्य में
* गुरुकृपा से 20 वर्ष की उम्र में ही हुआ आत्मसाक्षात्कार
* मृतक बालक को जीवन-दान
* जब नीम का पेड़ चला !
* परोपकार ही परम धर्म है
* 80-85 वर्ष की उम्र में पुस्तकों की गठरी उठाकर साहित्य-सेवा
* समाज के तारणहार बने
* विदेशों में जाकर गौरवमयी भारतीय संस्कृति का प्रचार किया
* साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज का महाप्रयाण
* साँईं श्री लीलाशाहजी बापू के कुछ सत्संग व कथा-प्रसंग
* सावधान नर सदा सुखी
* अभ्यास में रुचि क्यों नहीं होती ?
* जीव और शिव का भेद कैसे मिटे ?
* महामूर्ख कौन ?
* भगवान किस पर ज्यादा प्रसन्न रहते हैं ?
* आनंद का उद्गम स्थान क्या है ?
* आध्यात्मिक मार्ग पर कैसे चलूँ ?
* संतों के रहस्यमय आशीर्वाद
* साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज के साथ बीते दिनों की यादें… पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के शब्दों में
* मेरे गुरुदेव
* दृष्टिमात्र से निहाल कर दिया !
* गुरुदेव की डाँट भी कितनी कल्याणकारी !
* कुदरत ने नियम बदला
* पूर्ण गुरु किरपा मिली…
* चलती गाड़ी को रोक दिया
* भगवान की चोरी या भगवान की प्राप्ति ?
* भगवान के माता-पिता कौन हैं ?

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