नारी ! तू नारायणी
भारतीय समाज में नारी का एक विशिष्ट व गौरवपूर्ण स्थान है । पाश्चात्य देशों में नारी केवल भोग्या के रूप में देखी जाती है, आज वही गंदगी भारत में फैलायी जा रही है । उस गंदगी के शिकार लोगों के मन में यह धारणा पक्की हो गयी है कि प्राचीन भारतीय नारी अबला तथा पुरुषों की गुलाम थी और आज नारी स्वतंत्र है जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है । सती सावित्री, सती अनुसूया, मदालसा, माँ शारदा आदि नारियाँ किसकी गुलाम थीं ? ब्रह्मज्ञान प्राप्त करनेवाली गार्गी, मैत्रेयी आदि ब्रह्मवादिनियाँ अबला कैसे हो सकती हैं ? भारतीय नारी अपने प्राचीन गौरव को आदर्श बनाकर जीवनयापन करे तो वह भी महान नारियों में शुमार हो सकती है । ‘नारी ! तू नारायणी’ सत्साहित्य में आदर्श नारियों के जीवन-प्रसंग संग्रहित किये गये हैं, जो वर्तमान में बच्चियों, युवतियों एवं नारियों के अंदर एक नया उत्साह, सही सोच, नयी उमंग भरनेवाला एक अनोखा मार्गदर्शक साबित होंगे ।
इस पुस्तक में है :
* संयमनिष्ठ सुयशा की कहानी
* अद्भुत आभासम्पन्न रानी कलावती की सन्मति से बदल गया पति
* उत्तम जिज्ञासु : मैत्रेयी
* ब्रह्मवादिनी विदुषी : गार्गी
* अथाह शक्ति की धनी : तपस्विनी शांडिली
* सती सावित्री
* माँ सीता की सतीत्व-भावना
* आर्त भक्त द्रौपदी
* दैवी शक्तियों से सम्पन्न गुणमंजरी देवी
* विवेक की धनी : कर्मावती
* वास्तविक सौंदर्य
* आत्मविद्या की धनी : फुलीबाई
* आनंदीबाई की दृढ़ श्रद्धा
* कर्माबाई की वात्सल्य-भक्ति
* साध्वी सिरमा
* मुक्ताबाई का सर्वत्र विट्ठल-दर्शन
* रतनबाई की गुरुभक्ति
* ब्रह्मलीन श्री माँ महँगीबाजी के जीवन की कुछ प्रेरक बातें
* मीराबाई की गुरुभक्ति
* राजकुमारी मल्लिका बनी तीर्थंकर मल्लियनाथ
* दुर्गादास की वीर जननी
* कर्मनिष्ठ श्यामो
* शक्तिस्वरूपा माँ आनंदमयी
* अभाव का ही अभाव
* माँ अंजना का सामर्थ्य
Kya Kare Kya Na Kare : Hindi [क्या करें, क्या न करें]
₹9.00
Nashe Se Savdhan : Hindi [नशे से सावधान]
₹7.00
Nari Tu Narayani : Hindi [नारी तू नारायणी]
₹24.00
‘नारी ! तू नारायणी’ सत्साहित्य में आदर्श नारियों के जीवन-प्रसंग संग्रहित किये गये हैं, जो वर्तमान में बच्चियों, युवतियों एवं नारियों के अंदर एक नया उत्साह, सही सोच, नयी उमंग भरनेवाला एक अनोखा मार्गदर्शक साबित होंगे ।
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Additional information
| Weight | 110 g |
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