पंचामृत
मनुष्य को स्वस्थ, ओजस्वी, संयमी, उत्साही, साहसी, सुख-शांतिसम्पन्न और चिंता-तनावरहित जीवन बनाने की अनुपम कुंजियों-सूत्रों से युक्त नित्य पठनीय पाँच सत्साहित्यों का समुच्चय है ‘पंचामृत’ पुस्तक । इसमें है :
‘दिव्य प्रेरणा-प्रकाश’
* हताश-निराश, रोगी-निरोगी, स्त्री-पुरुष – सभीके जीवन को एक नयी प्रेरणा, दिव्य प्रेरणा देनेवाली युक्तियाँ
* ब्रह्मचर्य क्या है ? इससे होनेवाले अनेकों लाभ एवं महापुरुषों के अनुभव-वचन
* ब्रह्मचर्य पर आधुनिक चिकित्सकों के मत
* शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक दक्षता बढ़ानेवाले सार तत्त्व (वीर्य) की महत्ता एवं निर्माण प्रक्रिया की जानकारी
* आकर्षक व्यक्तित्व का कारण, उपाय एवं संयम की महिमा
* भारतीय मनोविज्ञान की महानता
* जीवन को महान बनाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन
* वीर्यरक्षण की महत्ता
* हस्तमैथुन के भयंकर दुष्परिणाम एवं भुक्तभोगियों के अनुभव
* क्रोध के घातक दुष्परिणाम एवं क्रोध से बचने के सरल उपाय
‘गुरुभक्तियोग’
* मनुष्य-जीवन हेतु कितनी आवश्यकता है ब्रह्मज्ञानी गुरु की ?
* गुरु की महत्ता
* कलियुग में सलामत मार्ग
* गुरुभक्तियोग का रहस्य
* कैसे करें गुरुभक्ति का अभ्यास
* क्या है गुरु के अनुकूल होने का सिद्धांत ?
* कौन होते हैं साधक के सच्चे पथ-प्रदर्शक ?
* क्या है आत्मसाक्षात्कार का रहस्य ?
* किनकी कृपा से ईश्वर-साक्षात्कार होता है ?
* गुरु के साथ तादात्म्य कैसे स्थापित करें ?
* ईश्वर-साक्षात्कार का सबसे सरल मार्ग क्या है ?
* गुरुभक्ति के लाभ
* श्रीमद् आद्य शंकराचार्यजी द्वारा रचित गुरु-महिमा संबंधी स्तोत्र (गुर्वष्टकम्)
‘जीवन रसायन’
* डिप्रेशनरूपी वैश्विक समस्या से छुटकारा दिलानेवाले सूत्र
* बल, उत्साह, सूझबूझ व शक्ति बढ़ाने की युक्तियाँ
* दैनिक जीवन-व्यवहार की थकान दूर कर विश्रांति दिलानेवाली कुंजियाँ
* तन-मन-जीवन को आध्यात्मिक तरंगों से झंकृत करनेवाला ज्ञान
* ईश्वर-साक्षात्कार संबंधी अनुभवी महापुरुषों के वेदांतिक वचन
* निश्चिंतता के सूत्र
‘श्री गुरुगीता’
* भगवान शिवजी द्वारा पार्वतीजी को दिया गया गुरु-महिमा संबंधी उपदेश, जिसे जानना है सभीके लिए कल्याणप्रद
* नवग्रहों के भय को हरनेवाली गीता
* मोक्ष का द्वार : गुरु, ब्रह्मवेत्ता सद्गुरु
* गुरुभक्तों के प्रेरणादायी जीवन-प्रसंग
* गुरु-शिष्य संबंध : जीवन का महानतम संबंध
* निर्दुःख होने का उपाय
* श्रीमद्भागवत एवं अन्य सद्ग्रंथों में वर्णित गुरु की महत्ता
* भगवान श्रीरामजी, श्रीमद् आद्य शंकराचार्यजी, संत कबीरजी, संत तुलसीदासजी, संत रज्जबजी, संत निश्चलदासजी, गुरु नानकदेवजी, स्वामी श्री लीलाशाहजी महाराज, श्री रमण महर्षि, स्वामी रामतीर्थ, संत श्री आशारामजी बापू, स्वामी विवेकानंदजी, बाबा फरीद, संत एकनाथजी, स्वामी दयानंदजी जैसे अनेक अवतारों एवं संतों द्वारा बतायी गयी गुरु की महिमा
‘ईश्वर की ओर’
* बिना मौत के श्मशान यात्रा की अनुभूति करानेवाला दिव्य ध्यान
* मौत की भी मौत करके ईश्वर-साक्षात्कार तक की यात्रा का मार्गदर्शन
* सांसारिक संबंधों की असारता का आँखें खोल देनेवाला चित्रण
* संसार-सागर से पार होने की युक्ति
* विवेक-वैराग्य जगानेवाला ज्ञानामृत
* मोहनिशा से जगानेवाला वेदांतिक ज्ञान
* दत्त और सिद्ध का बड़ा ही रोचक एवं आत्मज्ञान से भरपूर संवाद
* सभी दुःखों से सदा के लिए छुटकारा दिलानेवाली चिंतन-कणिकाएँ
साथ में पायें यह भी –
* श्री आशारामायण
* श्रीगुरु-महिमा
* नर-जन्म किसका है सफल ?
* है दुःख केवल मूढ़ता !
* संत कबीरजी द्वारा वर्णित सद्गुरु-महिमा
* गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः… (प्रार्थना)
* जय सद्गुरु देवन… (गुरु-वंदना)
Gyani Ki Gat Gyani Jane : Hindi [ज्ञानी की गत ज्ञानी जाने]
₹8.00
Parvon Ka Punj Depawali : Hindi [पर्वों का पुंज दीपावली]
₹12.00
Panchamrit : Hindi [पंचामृत]
₹29.00
मनुष्य को स्वस्थ, ओजस्वी, संयमी, उत्साही, साहसी, सुख-शांतिसम्पन्न और चिंता-तनावरहित जीवन बनाने की अनुपम कुंजियों-सूत्रों से युक्त नित्य पठनीय पाँच सत्साहित्यों का समुच्चय है ‘पंचामृत’ पुस्तक ।
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Additional information
| Weight | 200 g |
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