बेल शरबत
ग्रीष्मकालीन गुणकारी फल बेल शीतल व स्फूर्तिदायक है । बेल के सभी अंग-जड़, शाखाएँ, पत्ते, छाल और फल औषधि गुणों से भरपूर हैं । पका हुआ बेलफल मधुर, कसैला, पचने में भारी तथा मृदु विरेचक है । इससे पेट साफ़ होता है । अधपका बेल फल भूख व पाचन शक्ति बढ़ाने वाला तथा कृमियों का नाश करने वाला है ।
सामग्री-
बेल फल
Bel Sharbat Benefits in Hindi [Bel Sharbat ke Fayde]
- बेल के नियमित सेवन से शरीर स्वस्थ व सुडौल बनता है । बेल आँतों को ताकत देता है ।
- इसके सेवन से पाचन भी ठीक होता है ।
- बेल शरबत पीने से छाती, पेट, आँख व पैर की जलन में राहत मिलती है ।
- यह मुँह के छाले में भी लाभदायी है ।
- बेल में हृदय को ताकत व दिमाग को ताजगी देने के साथ सात्विकता प्रदान करने का श्रेष्ठ गुण है ।
- यह रस-रक्तादि धातुओं को बढ़ाता है, हृदय को उत्तम बल प्रदान करता है ।
- प्रवाहिका, अतिसार, विशेषत: रक्तातिसार, संग्रहणी, खूनी बवासीर, रक्तप्रदर, पुराना कब्ज, मानसिक संताप, अवसाद (डिप्रेशन), चक्कर आना, मूर्च्छा आदि रोगों में लाभदायी है ।
- लू लगने पर बेल के शरबत में नींबू का रस और हल्का सा नमक मिलाकर पिलायें, लू के प्रकोप से बचने के लिए भी यह उपयुक्त है ।
- यह मल के साथ बहने वाले जलयुक्त भाग का शोषण करता है जो अतिसार (दस्त) रोग में अत्यंत हितकर है ।
- बेल व उसके शरबत के सेवन से ग्रीष्म ऋतु में गर्मी का भीषण प्रकोप सहने की शक्ति आती है ।
- बेल शरबत के सेवन से मासिक स्राव में आने वाले रक्त की अधिक मात्रा रुक जाती है ।
- बेलफल भूख व पाचनशक्ति बढ़ाने वाला तथा कृमियों का नाश करने वाला है ।
- बेल शरीर को शीतलता, दिमाग को ताजगी व हृदय को बल प्रदान करता है ।
How To Use Bel Sharbat – उपयोग विधि [Kaise Upyog Kare] – Dosage
- 20 से 40 मि.ली. तक एक गिलास ठंडे पानी में मिलाकर 2 से 3 बार सेवन कर सकते हैं ।
- अरुचि, मंदाग्नि : रात को १०-२० ग्राम बेल के गूदे को जल में भिगो दें । प्रात: मसल-छान के आवश्यकतानुसार मिश्री मिलाकर सेवन करें । इसमें नींबू रस भी मिला सकते हैं । इससे भूख खुलकर लगती है ।
- स्वप्नदोष : १०-१० ग्राम बेल का गूदा व धनिया तथा ५ ग्राम सौंफ मिलाकर रात को पानी में भिगो दें । सुबह मसल-छान के सेवन करने से कुछ सप्ताहों में स्वप्नदोष में लाभ होता है ।
- धातुक्षीणता : बेल का गूदा, मक्खन व शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से शारीरिक शक्ति विकसित होती है, धातु पुष्ट होता है ।
- निम्न रक्तचाप : ग्रीष्म ऋतु में निम्न रक्तचाप के रोगी को घबराहट होने पर हल्का सा सेंधा नमक व अदरक का रस मिलाकर बेल शरबत पीने से बहुत लाभ होता है ।
- अधिक मासिक स्राव : १०-२० ग्राम बेल का गूदा सेवन करने से मासिक स्राव में आने वाले रक्त की अधिक मात्रा रुक जाती है ।
- बेल के ताजे पके हुए फलों के आधा किलो गूदे को दो लीटर पानी में धीमी आँच पर पकायें । एक लीटर पानी शेष रहने पर छान लें । उसमें दो किलो मिश्री मिला के गाढ़ी चाशनी बनाकर काँच की शीशी में भर के रख लें । चार से छः चम्मच (20 से 40 मि.ली.) शरबत शीतल पानी में मिलाकर दिन में एक दो बार पियें ।
Precaution – सावधानी
पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है ।

Mugdha Rede –
Very useful product. Fresh bel sharbat is very refreshing and cooling drink. The taste is also good. It’s beneficial for health.